Loading


भारत में जन-कल्याणकारी योजनाओं को नई गति - डिजिटल पेंशन, किफायती आवास और व्यापक सामाजिक योजनाओं से सशक्त गरीब परिवार, अब कोई नहीं छूट रहा पीछे।

आज़ादी के बाद से भारत के सबसे पिछड़े ज़िलों को अभावग्रस्त या संघर्षरत क्षेत्रों के रूप में देखा जाता था। सरकारी नीतियों के केंद्र में कल्याणकारी योजनाएं और सुरक्षा उपाय सीमित रूप से ही स्थान पाते थे। पिछले 12 वर्षों में जो सबसे बड़ा परिवर्तन आया है, वह स्वयं शासन व्यवस्था की सोच और कार्यप्रणाली में बदलाव है।

पिछले 12 वर्षों में भारत के गांवों में बदलाव केवल नई सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि असल में यह पूरे सिस्टम को नए सिरे से डिज़ाइन करने के बारे में है।

भारत की विकास यात्रा इस समय एक गहरे परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, एक ऐसा परिवर्तन जो केवल गरीबी में आई सांख्यिकीय कमी तक सीमित नहीं है। पिछले एक दशक में भारत ने गरीबी उन्मूलन की सोच से आगे बढ़कर आकांक्षाओं के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया है।

पिछले एक दशक में भारत की विकास यात्रा में एक गहरा, किंतु अपेक्षाकृत शांत परिवर्तन देखने को मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीमा और सामाजिक सुरक्षा का दायरा करोड़ों सामान्य नागरिकों तक विस्तारित हुआ है।